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Lucknow news- पिछड़े क्षेत्रों में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का रास्ता साफ, 1583 करोड़ का होगा निवेश, लोगों को मिलेगा रोजगार

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प्रदेश सरकार ने कोविड काल में 1583 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव देने वाली चार नई इकाइयों को लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इससे 1564 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में प्रदेश कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई। मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर आयोजित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गईं। कोविड-19 महामारी के दौरान पिछले वर्ष प्रदेश के आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में तेजी से निवेश के लिए त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 जारी की गई थी। इस नीति के अंतर्गत कई इकाइयों ने नए निवेश के प्रस्ताव दिए हैं। कैबिनेट ने इनमें से चार इकाइयों के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है।

इसके अलावा औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति-2017 के अंतर्गत गैलेंट मैटेलिक्स पूर्वांचल के चंदौली में एक इकाई की स्थापना कर रही है। इस इकाई की स्थापना से संबंधित शासनादेश में संशोधन से संबंधित प्रस्ताव पर भी सहमति दे दी है।

इस तरह होगा निवेश, मिलेगा रोजगार

– ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज बाराबंकी में 341.20 करोड़ रुपये से निवेश कर रही है। यह जनवरी, 2023 में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर देगी। इस प्रोजेक्ट से करीब 1000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

– जेकसेम (सेंट्रल) हमीरपुर में 381.22 करोड़ रुपये निवेश कर एक फरवरी 2023 को वाणिज्यिक उत्पादन करना चाहती है। इस इकाई से 204 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

– बर्जर पेंट्स इंडिया संडीला हरदोई में 725.80 करोड़ रुपये निवेश कर रहा है। कंपनी 28 मार्च 2022 तक उत्पादन शुरू कर देगी। इसे करीब 150 लोगों को रोजगार मिलेगा।

– गैलेंट इंडस्ट्री गोरखपुर में 134.74 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है। कंपनी एक अप्रैल, 2022 तक उत्पादन शुरू कर देगी। इससे करीब 210 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

चार इकाइयों में निवेश पर 192 करोड़ की वित्तीय सुविधाएं मंजूर

प्रदेश कैबिनेट ने चार औद्योगिक इकाइयों को वित्तीय सुविधाएं देने से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इन इकाइयों ने सपा शासनकाल की अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के अंतर्गत निवेश किया है। इसमें आरसीसीपीएल कंपनी रायबरेली में, श्री सीमेंट बुलंदशहर में, वरुण बेवरेजस संडीला हरदोई में तथा पसवारा पेपर्स मेरठ में निवेश कर रही है। इन कंपनियों को निवेश पर क्रमश: 54.67 करोड़, 88.74 करोड़43.85 करोड़ 4.44 करोड़ रुपये वित्तीय सुविधाओं के रूप में स्वीकृत किए गए हैं। इन चारों इकाइयों को कुल 191.70 करोड़ की वित्तीय सुविधाएं मिलेंगी।

निवेश से जुड़ी नीतियों में नेट एसजीएसटी की व्यवस्था होगी समाप्त

राज्य में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने तथा निवेशकों को आसानी से वित्तीय सुविधाएं प्राप्त करने के लिए मौजूदा प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण संशोधन का फैसला किया है। प्रदेश में नेट एसजीएसटी के सत्यापन में कई तरह की कठिनाई आ रही है। कुछ राज्यों ने औद्योगिक निवेश नीतियों से नेट एसजीएसटी को डी-लिंक कर नई नीतियां बनाई हैं।

कैबिनेट ने व्यवस्था को पारदर्शी व सरल बनाने के लिए प्रचिलत नीतियों को  पुनरीक्षित कर नेट एसजीएसटी से डी-लिंक करते हुए नई नीतियां जारी करने पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। औद्योगिक विकास विभाग नया प्रस्ताव तैयार कर आगे की कार्यवाही करेगा। नेट एसजीएसटी के स्थान पर अलग तरह के वित्तीय प्रोत्साहन देने की योजना है। इससे उन इकाइयों को भी लाभ हो सकेगा जो कंपोनेंट तैयार करती हैं और एसजीएसटी का लाभ नहीं ले पातीं।

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