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Lucknow news- बहुलता के बावजूद पूरे भारत को माला में पिरोए हुए है भारतीय संविधान: योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को संविधान दिवस पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के सानिध्य में संविधान की उद्देशिका का वर्चुअल पाठन किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश संहिता (द्विभाषी) के दो संस्करणों का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि बहुलता के बावजूद पूरे संविधान पूरे भारत को एक माला के रूप में पिरोए हुए हैं। संविधान की ताकत है कि भारत दुनिया में सबसे बड़े लोकतंत्र का आदर्श बना हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी, 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था। 26 नवंबर को संविधान सभा ने भारतीय संविधान को अंगीकृत किया था। सम-विषम परिस्थितियों में भी संविधान हमें प्रेरणा प्रदान करता है। जाति, मत, संप्रदाय, भाषाएं, खान-पान की बहुलता होने के बावजूद भारतीय संविधान पूरे भारत को माला में पिरोए हुए है। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने में भी संविधान की महती भूमिका है। न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता ये भारत की सबसे बड़ी विशेषता है। इन्हीं मूलभूत बातों को ध्यान में रखकर सभी कार्यक्रम आगे बढ़ाए जा रहे हैं।

सीएम योगी ने संविधान निर्माण में योगदान देने वाले स्वाधीनता सेनानियों व महापुरुषों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने 2015 से संविधान दिवस को देश के सामने प्रस्तुत किया। पिछले साल संविधान दिवस को भव्य रूप में मनाया गया था। विधान मंडल में इस पर केंद्रित चर्चा की गई थी। उन्होंने कहा कि संविधान में अधिकारों के साथ मूल कर्तव्य की भी बात की गई है। इसके प्रति नागरिकों को जागरूक किए जाने की आवश्यकता है।

अधिकारों, कर्तव्यों से जोड़ता है संविधान:
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से वर्ष 2015 से संविधान दिवस मनाया जा रहा है। संविधान हमें अधिकारों व कर्तव्य से जोड़ता है। उन्होंने कहा, वर्तमान केंद्र व राज्य सरकार में बिना भेदभाव के सभी वर्गों को योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। भारत का संविधान राजधर्म है। भारत के लोगों से ही हमारा संविधान संरक्षित है। विधि एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि 26 नवंबर का दिन अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसी दिन हमारा संविधान अंगीकृत किया गया था। कार्यक्रम का संचालन संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने किया।

राजभवन में ली शपथ
राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता ने राजभवन के गांधी सभागार में संविधान दिवस पर अधिकारियों, कर्मचारियों को कोविड-19 से बचाव के लिए सुरक्षा मानकों के साथ भारतीय संविधान की प्रस्तावना का पाठ कराने के बाद संविधान में दिए गए मूल कर्तव्यों के पालन की शपथ दिलाई।

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