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Lucknow news – मदर्स डे स्पेशल: कोरोना पॉजिटिव बेटा अस्पताल में नहीं खा रहा था खाना, खुद की जिंदगी दांव पर लगा कोविड वार्ड में रहने लगी मां

कोविड वार्ड में बेटे के साथ रह�

मां कहने को तो शब्द बहुत छोटा है पर इस शब्द की गहराई को कोई नाप नहीं सकता है। हम दुनिया के लिए बेशक कुछ भी नहीं है। पर हर इंसान अपनी मां के लिए सब कुछ होता है। एक औरत अपनी जिंदगी अपने बच्चे अपने परिवार के लिए समर्पित कर दे और बदले में प्यार के सिवा कुछ ना मांगे, वो सिर्फ एक मां हो सकती है। एक मां का दिल ही इतना बड़ा हो सकता है। जी हां, इस कोरोना काल में जहां आपसी रिश्ते भी दूर हो गए हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से मां की ममता की एक बेहद मार्मिक खबर सामने आई है।

शहर के नंदा नगर टीबी अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती जब एक बेटे ने खाना खाने से इंकार कर दिया तो उसकी मां इसे सहन न कर पाई और डॉक्टरों से तमाम विनती कर खुद की जान जोखिम में डालकर आखिरकार बेटे को खाना खिलाने के लिए उसके वार्ड में चली गई।

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जिस बेटे ने डॉक्टरों व अस्पताल स्टाफ के काफी समझाने पर भी खाना नहीं खाया, वही बेटा मां के हाथों से एक में ही खाना खाने लगा। इतना ही नहीं बेटे की देखभाल करने के लिए खुद निगेटिव होते हुए भी मां बेटे के साथ ही कोविड वार्ड में रह रही हैं। यह

मां की ममता के आगे बेबस हो गए डाक्टर्सहालांकि पहले तो इसके लिए डॉक्टरों ने अनुमति देने से इंकार कर दिया। लेकिन कहते हैं न मां की ममता के आगे दुनियां में सबकुछ बेबस हो जाता है। और अंतत: बेटे को भूखा देख तड़प रही मां का दर्द डॉक्टरों देखा नहीं गया और उन्होंने मां को बेटे के साथ कोविड वार्ड में रहने की अनुमति दे दी।

तमाम कोशिशें कर हार गए थे डॉक्टरशहर के सूर्यकूंड कॉलोनी में कुछ दिनों पूर्व एक पंजाबी परिवार किराए के मकान में आकर रहने लगा। परिवार में पिता जसप्रीत सिंह (65), माता गुरुवबचन कौर (58) और उनका बेटा छत्रपाल सिंह (35) हैं। कुछ दिनों पूर्व छत्रपाल की तबियत खराब हुई तो उसे अस्पताल ले जाया गया। कोविड टेस्ट में वह पॉजीटिव निकला। हालत गंभीर होने पर बीते 6 मई को उसे शहर के नंदानगर स्थित टीबी अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उपचार तो शुरू कर दिया, लेकिन उसने कुछ भी खाने से इंकार कर दिया।

हालांकि डॉक्टरों ने उसकी काफी काउंसलिंग करने की कोशिश की। बावजूद इसके छत्रपाल ने कुछ नहीं खाया। बेटे को भूखा देख मां गुरुबचन से रहा नहीं गया। वे डॉक्टरों से विनती करने लगीं कि उन्हें बेटे के पास जाने दिया जाए तो वह खाना खा लेगा। पहले तो डॉक्टरों ने गुरुबचन को कोविड वार्ड में जाने की अनुमति देने से इंकार कर दिया, लेकिन बेटे छत्रपाल की हालत गंभीर और मां गुरुबचन को बेटे के लिए तड़पता देख डॉक्टरों का दिल भी पसीज गया। इसके बाद जैसे ही मां खाना लेकर कोविड वार्ड में गई, बेटा छत्रपाल उनके हाथों से खाना खाने लगा।

पॉजीटिव बेटे के साथ कोविड वार्ड में रह रही निगेटिव मांइतना ही नहीं बेटे की देखरेख और उसे खाना खिलाने के लिए मां गुरुबचन ने खुद की जिंदगी दांव पर लगा रखी है। वे अपने बेटे छत्रपाल के साथ ही कोविड वार्ड में ही रह रहीं हैं। हालांकि कोविड टेस्ट में अभी गुरबचन की रिपोर्ट निगेटिव है।

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