Home लखनऊ Lucknow news - महोबा में क्रशर कारोबारी की मौत का मामला:हाईकोर्ट ने...

Lucknow news – महोबा में क्रशर कारोबारी की मौत का मामला:हाईकोर्ट ने न्यायिक जांच की मांग ठुकराई; कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष लल्लू ने योगी सरकार से किया सवाल- दागदार IPS पर मेहरबान क्यों?

कारोबारी की मौत के मामले में जिले के तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार आरोपी हैं। उन्हें निलंबित किए जाने के साथ उन पर गंभीर धाराओं में केस भी दर्ज है। हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने और FIR रद्द करने की पाटीदार की अर्जी को कल ही खारिज कर दिया था। 

  • प्रयागराज के सोशल एक्टिविस्ट ने हाईकोर्ट में दाखिल की थी जनहित याचिका
  • सीबीआई या अन्य स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की थी

महोबा में क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत मामले में मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से योगी सरकार को बड़ी राहत मिली है। चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की डिवीजन बेंच ने न्यायिक या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराए जाने की मांग को ठुकरा दिया है। इस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, यह बात समझ से परे है की प्रदेश की योगी सरकार इस भ्रष्ट अफसर को बचाने की कोशिशें क्यों कर रही है?

लल्लू ने पूछा- खनन कारोबार में कौन-कौन मंत्री शामिल

लल्लू ने मणिलाल पाटीदार की अब तक नहीं हुई गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए। कहा कि आखिर किसके इशारे पर योगी सरकार इस पुलिस अधिकारी पर मेहरबानी दिखा रही है। अपराध और अपराधियों पर जीरो टोलरेंस का दावा करने वाली सरकार आखिर क्यों दागदार पुलिस पर मेहरबान है। योगी सरकार बताए कि खनन के अवैध कारोबार में उनके मंत्रिमंडल के कौन कौन मंत्री लिप्त हैं, जिनके संरक्षण के चलते आजतक दागी पुलिस अफसर को बचाया जा रहा है।

सोशल एक्टिविस्ट ने दाखिल की थी जनहित याचिका

दरअसल, प्रयागराज के सामाजिक कार्यकर्ता प्रभाकर भट्ट ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उन्होंने पूरे मामले में सीबीआई या न्यायिक जांच कराए जाने के आदेश देने, हाईकोर्ट द्वारा जांच की मॉनिटरिंग करने, पीड़ित परिवार व गवाहों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जैसी मांग की थी। डिवीजन बेंच ने कहा कि ऐसी कोई ठोस वजह नहीं है जिसके आधार पर एसआईटी जांच की रिपोर्ट में दखल दिया जाए। बता दें कि इस मामले में जिले के तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार आरोपी हैं। उन्हें निलंबित किए जाने के साथ उन पर गंभीर धाराओं में केस भी दर्ज है। हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने और FIR रद्द करने की पाटीदार की अर्जी को कल ही खारिज कर दिया था।

Input – Bhaskar.com

Most Popular