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Lucknow news- यूपी : बड़ी संख्या में गांव लौट रहे प्रवासियों ने बढ़ाई चिंता, होली से हुई शुरुआत, पंचायत चुनाव, सहालग व लॉकडाउन…

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बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच अपने गांवों को लौट रहे प्रवासियों ने चिंता बढ़ा दी है। पहले होली फिर पंचायत चुनाव, सहालग और लॉकडाउन होने की आशंका में प्रवासी श्रमिकों का पलायन तेजी से बढ़ा है। 

बड़ी संख्या में श्रमिक गांवों में पहुंच रहे हैं। लेकिन इनकी संक्रमण की जांच, क्वारंटीन व खानपान की देखभाल को लेकर अभी पहले जैसी तैयारी नजर नहीं आ रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में हालात चुनौती पूर्ण हो सकते हैं।

प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कोविड संक्रमण रोकने व संक्रमितों के इलाज को लेकर उल्लेखनीय कार्य किए थे। प्रवासियों के आने पर प्रत्येक प्रवासी की जांच, क्वारंटीन सेंटर में अनिवार्य रूप से 10-15 दिन रोकने, फिर घर भेजने, संक्रमित होने पर इलाज की व्यवस्था व खानपान का जिले-जिले में प्रबंध करवाया था। 

तमाम जिलों में कोविड-3 स्टेज में इलाज की सुविधा उपलब्ध करा दी थी। लेकिन इस बार संक्रमण पहले से ज्यादा तेज व घातक रूप में सामने है। इसके बावजूद अपने घरों को लौट रहे प्रवासियों की जांच, उन्हें क्वारंटीन सेंटर बनाकर रोकने व इलाज की उस तरह व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। 

जिलों से लगातार फीडबैक मिल रहा है कि एक ओर पंचायत चुनाव से तमाम प्रत्याशी प्रवासियों को खर्चा देकर वापस बुला रहे हैं। दूसरी ओर, मुंबई व दिल्ली में रह रहे तमाम प्रवासी वहां लॉकडाउन की आशंका से घरों को लौट रहे हैं। शादी-विवाह के आयोजन का सीजन होने से भी विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में प्रवासी लौट रहे हैं।

कुछ रेलवे स्टेशनों पर तो यात्रियों की जांच शुरू हुई है, लेकिन सड़क मार्ग, बस या अपने साधनों से लौट रहे प्रवासियों की जांच नहीं हो रही है। ये सीधे अपने घर पहुंच रहे हैं और लोगों से मिलजुल रहे हैं। ऐसे प्रवासियों में यदि कोई कोरोना पॉजिटिव हुआ तो गांव-गांव संक्रमण व चुनौती बढ़ सकती है।

अवध के जिलों का हाल 
गोंडा : बीते एक माह से बड़ी संख्या में प्रवासी लौटे हैं। ये सभी सीधे अपने घरों में दाखिल हो रहे हैं। जांच में अब तक 3 प्रवासी संक्रमित भी मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की कोई रणनीति तैयार नहीं बनाई है। कहीं भी क्वारंटीन सेंटर नहीं हैं। वहीं, चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी प्रवासियों को रेल टिकट भेजकर अथवा बसें बुक कर बुला रहे हैं।

अमेठी : पिछले 15 दिनों में जिले में पांच हजार से अधिक प्रवासियों के आने की सूचना है। इनमें तीन चौथाई ऐसे हैं जो बिना किसी जांच के अपने घर पहुंचे हैं। हाईअलर्ट के बावजूद जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन पर प्रवासियों की जांच का कोई इंतजाम नहीं है। 

श्रावस्ती : प्रतिदिन करीब 1200 प्रवासी लौट रहे हैं। इनकी जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। जिन गांवों से स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिलती है, वहां ही जांच टीम जा रही है। जांच में औसतन 20-22 लोग पॉजिटिव पाए जा रहे हैं।

बलरामपुर : पंचायत चुनाव में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक जिले में लौट रहे हैं। सीएमओ डा. विजय बहादुर सिंह ने बताया कि इनकी जांच के लिए बलरामपुर, झारखंडी और तुलसीपुर रेलवे स्टेशन तथा बस स्टेशन पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मुस्तैदी से जुटी है। बिना लक्षण वाले प्रवासियों को होम आइसोलेट किया जा रहा है। पॉजिटिव पाए जाने वाले श्रमिकों की कांटैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है।

बहराइच : लॉकडाउन की आशंका से बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक घर लौट रहे हैं। इनमें सिर्फ जरवलरोड रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों की कोरोना जांच हो रही है। बसों से आने वाले यात्री सीधे अपने घरों को जा रहे हैं। उन्हें होम आइसोलेट करने की भी व्यवस्था नहीं है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है।

अंबेडकरनगर :  ट्रेन, बस व अन्य माध्यमों से औसतन 1500 प्रवासी रोजाना पहुंच रहे हैं। इन्हें क्वारंटीन करने का कोई प्रबंध नहीं है। हालांकि ग्राम स्तर पर निगरानी समिति जरूर गठित है जिस पर ऐसे प्रवासियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी है। रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर नियमित रूप से टीम बाहर से आने वालों की जांच कर रही है।

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