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Lucknow news- यूपी : विधानसभा में दो मिनट में 5.50 लाख करोड़ का बजट पास

विधानसभा में बृहस्पतिवार को विपक्ष की गैरमौजूदगी में प्रदेश सरकार के  वित्तीय वर्ष 2021-22 का 5 लाख 50 हजार 270 करोड़ 78 लाख रुपये का बजट महज दो मिनट में पारित हो गया। सरकार की ओर से प्रश्नकाल स्थगित कर बजट पर चर्चा शुरू कराने और बजट सत्र की कार्यवाही 4 मार्च  को ही समाप्त करने के विरोध में सपा, बसपा, कांग्रेस और सुभासपा के सदस्यों ने सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाते हुए सदन से बहिर्गमन किया।

विधानसभा में बृहस्पतिवार सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश में पंचायत चुनाव होने वाले हैं। पंचायत के आरक्षण को लेकर आपत्तियां मांगने की कार्यवाही शुरू हो गई है। पंचायत चुनाव में विधायकों को भी अपनी भागीदारी निभानी है लिहाजा प्रश्नकाल स्थगित कर बजट प्रस्ताव पर चर्चा कर बजट सत्र को 4 मार्च को ही समाप्त कर दिया जाए।

नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जब कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में 10 मार्च तक सत्र चलाने का निर्णय हो चुका है तो सरकार अब पीछे क्यों भाग रही है? बसपा के नेता लालजी वर्मा ने कहा कि भाजपा का संविधान और लोकतंत्र में भरोसा नहीं है। भाजपा लोकतंत्र की हत्या के साथ सदन के सदस्यों के अधिकार का हनन कर रही है। उन्होंने कहा कि सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्य अपनी बात रखना चाहते हैं।

संसदीय कार्यमंत्री ने सपा और बसपा की सरकार के समय भी सत्र जल्द समाप्त किए जाने की मिसाल देते हुए कहा कि ऐसा पहले भी होता रहा है। विपक्ष ने कहा कि पहले हुआ है लेकिन कभी प्रश्नकाल स्थगित कर बजट पारित नहीं कराया गया। विपक्षी सदस्यों ने सत्तापक्ष पर मनमानी का आरोप लगाते हुए सदन से बहिर्गमन किया। विपक्ष के बहिर्गमन के बीच वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने पूर्वाह्न 11.38 बजे सदन में उ.प्र. विनियोग विधेयक 2021 पेश किया जिसे जिसे 11.40 बजे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

सड़क को लेकर नहीं रहेगी किसी को समस्या, 10 क्या बीस करोड़ के प्रस्ताव भी देंगे तो कराएंगे काम : केशव

केशव प्रसाद मौर्य
– फोटो : अमर उजाला

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विधायकों को उनके क्षेत्र की सड़क के निर्माण और मरम्मत को लेकर कोई समस्या नहीं होगी। सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायक सड़क से जुड़े जितने भी प्रस्ताव देंगे उन्हें प्राथमिकता से साथ मंजूर किया जाएगा।

विधानसभा में बुधवार को उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य का भाषण होना था। लेकिन कहीं व्यवस्ता के कारण उनका भाषण नहीं हो सका। उप मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को सदन में पहुंचे, मौर्य के भाषण से पहले सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों ने मेज धपधपाकर उनका स्वागत किया। मौर्य ने कहा कि गत वर्ष सदन में प्रत्येक विधायक के क्षेत्र में दस-दस करोड़ की सड़कों के निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां सौ-सौ करोड़ के काम कराए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रत्येक विधायक को उनके विधानसभा क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी की ओर से कराए गए कार्यों की डायरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क को लेकर किसी भी सदस्य को शिकायत नहीं रहेगी। सदस्य यदि 20 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भी देंगे तो उसे प्राथमिकता से पूरा कराया जाएगा।

200 हैंडपंप और 10 किलोमीटर सड़क दे सरकार

कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि विधायक अपने क्षेत्र में किस मुंह से जाएंगे कि सरकार ने जनता के लिए कोई तोहफा नहीं दिया। उन्होंने सरकार से प्रत्येक विधायक को 200 हैंडपंप और दस-दस किलोमीटर सड़कों को तोहफा देने की मांग की। उन्होंने विधायकों का महंगाई भत्ता भी बढ़ाने की मांग की। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने शहरी क्षेत्रों के लिए 2 हजार और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 15 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं इस राशि से पेयजल के कार्य भी कराए जाएंगे।

धन्यवाद प्रस्ताव के बाद विधेयक पेश करने से नाराज विपक्ष का विधानसभा से बहिर्गमन

यूपी विधानसभा

विधानसभा में बजट सत्र के समापन पर विपक्षी नेताओं का धन्यवाद और बधाई भाषण कराने के बाद उत्तर प्रदेश निरसन विधेयक को सदन में पेश करने से नाराज विपक्षी दलों ने सदन से बहिर्गमन किया। विपक्षी दलों ने सत्तापक्ष पर लोकतंत्र ही हत्या करने, विधायकों के अधिकारों का हनन और सदन में गलत परंपराओं का रिकार्ड बनाने का आरोप लगाते हुए सदन का बहिर्गमन किया। विपक्ष की गैरमौजूदगी में उत्तर प्रदेश निरसन विधेयक 2021 ध्वनिमत से पारित हो गया।

विधानसभा में बृहस्पतिवार को बजट पारित होने के बाद विपक्ष के सदस्य सदन में लौटे तो विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी को बजट सत्र के अंतिम दिन पर बोलने के लिए आमंत्रित किया। चौधरी के बाद बसपा दल के नेता लालजी वर्मा, कांग्रेस की आराधना मिश्रा मोना, सुभासपा और अपना दल के नेताओं ने भी धन्यवाद और बधाई पर अपने विचार रखे। इसी बीच संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने उत्तर प्रदेश निरसन विधेयक 2021 प्रस्तुत करने का प्रस्ताव रखा। बसपा विधायक दल केनेता लालजी वर्मा ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जब धन्यवाद और बधाई भाषण हो चुका है तो अब विधेयक क्यों पेश किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो अध्यादेश ला सकती है, उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से विधेयक पेश करने की मंजूरी नहीं देने का आग्रह किया। नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि इससे सदन में गलत परंपरा शुरू हो रही है। पहले कभी नहीं धन्यवाद प्रस्ताव के बाद विधेयक पेश नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा संसदीय मर्यादाओं की धज्जियां उड़ा रही है। कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि सत्तापक्ष विधायकों के अधिकारों का हनन कर रहा है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि आप सदन की मर्यादा का अनुसरण करते हुए विधेयक पेश होने की अनुमति नहीं दें।

विपक्ष के हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री ने विधेयक पेश करने की जगह धन्यवाद भाषण शुरू किया। धन्यवाद भाषण समाप्त करते हुए उन्होंने पुन: विधेयक पेश करने का प्रस्ताव रखा। विपक्ष ने फिर इसका विरोध किया। खन्ना ने विधेयक प्रस्तुत किया तो सपा, बसपा और कांग्रेस ने स्वयं को इस गलत पंरपरा से अलग रखने की घोषणा करते हुए सदन का बहिर्गमन किया। विपक्ष की गैरमौजूदगी में उत्तर प्रदेश निरसन विधेयक सदन ध्वनिमत से पारित हुआ।

विधानसभा कर्मियों को 12500 रुपये पुरस्कार मिलेगा

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना।
– फोटो : amar ujala

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा के कर्मचारियों-अधिकारियों को 12500 रुपये पुरस्कार राशि देने की घोषणा की। नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने विधानसभा के बजट सत्र में दिन रात मेहनत करने वाले कर्मचारियों-अधिकारियों की पुरस्कार राशि को 11500 से बढ़ाकर 12500 करने का प्रस्ताव रखा था। चौधरी ने विधानसभा के सुरक्षा कर्मियों के काडर को पुलिस में शामिल नहीं करने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने विधानसभा के संविदा कर्मचारियों को हटाने की जगह स्थायी करने का भी प्रस्ताव रखा।

विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि में तीन-तीन करोड़ रुपये मिलेंगे

वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने विधायकों को विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि में तीन-तीन करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। खन्ना ने विधानसभा में कहा कि विधायक निधि की गाइडलाइन की तरह ही इसमें भी राशि स्वीकृत की जाएगी।

यह विधेयक भी पारित हुए

विधानसभा में बृहस्पतिवार को उत्तर प्रेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) (संशोधन) विधेयक 2021 पारित किया गया। सदन में उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक -2021 पारित किया गया। उत्तर प्रदेश फंडामेंटल रूल 56 (संशोधन तथा विधिमान्यकरण) विधेयक 2021 पारित किया गया।

सड़क को लेकर नहीं रहेगी किसी को समस्या, 10 क्या बीस करोड़ के प्रस्ताव भी देंगे तो कराएंगे काम : केशव

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