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Lucknow news- रामनगरी में जले तरक्की के दीप, गर्व और उल्लास के बीच दीपोत्सव का आगाज

अद्भुत…अकल्पनीय…उल्लास के बीच बृहस्पतिवार को 492 वर्ष बाद श्रीरामजन्मभूमि से दिव्य दीपोत्सव की शुरूआत हुई। लाखों दीपों की माला से जगमग हुई रामनगरी ने नया विश्व रिकार्ड बनाया तो सरकार ने ब्रह्मांड नायक प्रभु राम की कृपा से त्रेतायुग के बाद फिर तरक्की का अश्वमेघ यज्ञ की योजनाएं गिनाईं। अयोध्या को वैदिक रामायण सिटी बनाने के साथ वैश्विक पयर्टन की हर आधुनिक सुख-सुविधा से लैस किया जाएगा। यह विश्व का सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र साबित होगा।

सियाराम मय सब जग जानी…का भावपूर्ण क्षण श्रीरामजन्मभूमि पर रामलला की भोर में हुई आरती से शुरू हुई। ठीक दोपहर तीन बजे राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीरामजन्मभूमि परिसर पहुंचे। यहां प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, पर्यटन व संस्कृति मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी समेत आला अधिकारियों के साथ रामलला की आरती उतारी। फिर दिव्य दीपोत्सव का दीप जलाकर शुभारंभ किया। इस बार चौथे दीपोत्सव की खुशी न सिर्फ त्रेतायुग में चौदह वर्ष बाद वन से लौटे राम, सिया और लखन को अपने बीच देखने-मिलने के रामायणकालीन संबंधों का अहसास करा रही थी, बल्कि कलियुग में पांच सदी के दर्द भरे इंतजार के बाद कौशलचंद्र दशरथनंदन राम का भव्य मंदिर निर्माण शुरू होने का आनंद जन-जन में छाया हुआ था। 

प्रभु राम की सत्ता और उनकी अयोध्या का अद्भुत नजारा सरयू किनारे रामकथा पार्क में दिखा। सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, डिप्टी सीएम केशव मौर्या, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह समेत शीर्ष संत अयोध्यावासियों के साथ पुष्पक विमान का इंतजार करते दिखे। खास इसी आयोजन के लिए बनाए गए हेलीपैड पर पुष्पक विमान ठीक पौने चार बजे उतरा। अभिनंदन, वंदन और स्वागत के लिए सीएम और राज्यपाल के साथ मंत्रीगण और अधिकारी समेत अयोध्यावासी दौड़ पड़े। रामकथा पार्क में राज्यपाल और सीएम ने शीर्ष संत-महंतों के साथ प्रभु राम को तिलक लगाकर राजगद्दी सौंपी। राजाराम का दरबार ऐसा सजा था कि सरकार उनके कदमों में बैठना सौभाग्य समझ रही थी। इसके कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री समेत अतिथियों ने वापस आकर मां सरयू की आरती उतारी फिर पावन नगरी में छह लाख दीपक प्रज्वलित किए गए आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि घाटों पर तिल रखने की भी जगह न बची।

वर्चुअल दीपोत्सव में करोड़ों लोगों ने की भागीदारी
वर्चुअल दीपोत्सव की साईट का शुभारंभ होते ही दीप जलाने के लिए देश-विदेश के करोड़ों लोगों का तांता लग गया। भाव विह्वल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना की महामारी समाप्त होते ही यहां न सिर्फ आस्था का समुद्र उमड़ेगा बल्कि देश-विदेश के औद्योगिक घराने रामराज्य जैसी अयोध्या सजाएंगे। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर बेहतर कानून व्यवस्था और विश्व स्तरीय पर्यटन नगरी के मानकों पर हर व्यवस्था देने को तैयार रहेगी।

सामाजिक सरोकारों से ओत-प्रोत रहे लोकनृत्य
साकेत महाविद्यालय से सुबह 10 बजे 11 रामायणकालीन प्रसंगों से सजे-धजे रथों पर 600 लोक कलाकारों की टीम ने। पीलीभीत का आदिवासी नृत्य, आजमगढ़ का धोबिया नृत्य, फैजाबाद का फरूवाही नृत्य, मथुरा का बमरसिया, ललितपुर व झांसी का राई नृत्य, प्रयागराज का ढ़ेढिया नृत्य, बांदा का पाई डंडा, मथुरा का मयूर नृत्य, कौशांबी का मसकबीन, अयोध्या का बहुरूपिया, अयोध्या और सुल्तानपुर का अवधी लोकनृत्य का अद्भुत संगम रामनगरी की सड़कों पर निकला, तो प्रभुराम समेत चारों भाईयों भरत, लखन और शत्रुहन के बाल रूप का जल्द आकार लेने वाले भव्य और दिव्य राममंदिर की खुशी तारी हो उठी। कलाकारों ने सामाजिक सरोकारों को साधते हुए हिंदू जनमानस की खोई हुई तमाम परंपराओं, लोकनृत्यों और संगीत का ऐसा प्रदर्शन किया कि कोरोना का ध्यान रखते हुए अयोध्यावासी घर की छतों, अटारियों, गलियों से लेकर सड़क के दोनों तरफ कतारबद्घ होकर अकल्पनीय सुख में गोते लगाते दिखे।

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