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Lucknow news- लखनऊ ः यूनिवर्सिटी-कॉलेज की खास खबरें

अब परीक्षा फॉर्म में सीबीसीएस के विकल्प नदारद

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के परास्नातक पाठ्यक्रम में चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) से परीक्षा विभाग तालमेल नहीं बिठा पा रहा है। सीबीसीएस लागू होने के बाद परास्नातक स्तर पर हर सेमेस्टर में छह पेपर हो चुके हैं। अभी तक ऑनलाइन फॉर्म में सिर्फ चार पेपर ही खुल रहे थे। शिकायत के बाद लविवि ने इसे दुरुस्त कर दिया, पर एक नई समस्या सामने आ रही है। लविवि ने सीबीसीएस में विद्यार्थियों को विकल्प देने की घोषणा की है, पर ऑनलाइन फॉर्म ये सुविधा नदारद है। फॉर्म में विद्यार्थियों को कोई विकल्प नहीं दिख रहा है और सभी पेपर अनिवार्य ही नजर आ रहे हैं। ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 18 जनवरी निर्धारित है। परास्नातक विद्यार्थी जब ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भर रहे हैं तो फिर उन्हें केवल छह पेपर ही नजर आ रहे हैं जबकि सीबीसीएस की व्यवस्था के अनुसार उनको छह पेपर लेने पर इसमें उनको कुछ विकल्प भी मिलने हैं। केवल छह पेपर नजर आने की वजह से विद्यार्थी परेशान हैं। समस्या यह भी है कि लविवि अगर इसे दुरुस्त भी कर देगा तो भी जो विद्यार्थी परीक्षा फॉर्म भर चुके हैं उनका क्या होगा। वे अपना परीक्षा फार्म कैसे संशोधित कर पाएंगे यह नहीं सूझ रहा। वहीं लविवि प्रशासन ने इस समस्या का समाधान जल्द करने की बात कही हैं।

नेशनल पीजी कॉलेज में ‘डिजिटल लाइब्रेरी’ और ‘ई-लर्निंग सेंटर’ शुरू

नेशनल पीजी कॉलेज में शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी विभाग के राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल ने डिजिटल लाइब्रेरी और ई-लर्निंग सेंटर का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी आज के युग की बहुत बड़ी मांग है। ज्ञान-विज्ञान के इस प्रतिस्पर्धात्मक युग में सूचनाओं के तीव्र आदान-प्रदान की बहुत आवश्यकता है। प्राचार्य डा. नीरजा सिंह ने कहा कि तीन वर्षों के अथक परिश्रम के उपरांत लाइब्रेरी के डिजिटलाइजेशन का उनका यह सपना पूर्ण हुआ है। वे आगे भी इस दिशा में अपना प्रयास जारी रखेंगी। इस ‘फैकल्टी डवलपमेंट कार्यक्रम’ से शिक्षकों को शिक्षा के डिजिटलाइजेशन में पर्याप्त मदद मिलेगी तथा उनके ज्ञान के स्तर में वृद्धि होगी। इस अवसर पर पूर्व पंजाब नेशनल बैंक एजीएम यूके बाजपेई एवं पूर्व एडीशनल डायरेक्टर पीएनबीआईटी लखनऊ प्रमोद दीक्षित सहित डॉ. राकेश जैन उपस्थित रहे।

पुनर्वास विवि में बैक पेपर के आवेदन 18 तक

डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों व संस्थाओं में संचालित सभी सेमेस्टर एवं वार्षिकी पाठ्यक्रमों की सत्रांत परीक्षा मई 2020 व अधिसत्र परीक्षा- दिसंबर 2020 की बैक पेपर परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 18 जनवरी तक किए जा सकते हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि बैक पेपर परीक्षा-2021 के आयोजन से पूर्व विद्यार्थियों को ऑनलाइन परीक्षा आवेदन के लिए 05 से 11 जनवरी तक का अवसर दिया गया था। इसके बाद भी कुछ विद्यार्थी आवेदन नहीं कर सके हैं। इसलिए छात्रहित में आवेदन तिथि बढ़ाई गई है। विद्यार्थी निर्धारित तिथि के अंदर आवेदन सुनिश्चित करें।

शोध प्रबंध विषय व पर्यवेक्षक का नाम 18 तक दें

डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के विधि संकाय के सत्र 2020-21 एलएलएम (द्विवर्षीय) पाठ्यक्रम के तीसरे सेमेस्टर के सभी विद्यार्थी अपने शोध प्रबंध का विषय एवं पर्यवेक्षक का नाम 18 जनवरी तक अनिवार्य रूप से अधिष्ठाता, विधि संकाय कार्यालय में जमा कराएं। डीन लॉ डॉ. शेफाली यादव ने बताया कि पूर्व में विद्यार्थियों द्वारा शोध प्रबंध का विषय एवं पर्यवेक्षक का नाम उपलब्ध कराने की अंतिम तिथि 8 जनवरी निर्धारित थी। विश्वविद्यालय द्वारा छात्रहित को देखते हुए उक्त तिथि बढ़ाई गई है।

कैडेट सुरभि को सीनियर अंडर ऑफिसर की उपाधि

श्री जय नारायण मिश्र महाविद्यालय में शुक्रवार को एनसीसी इकाई का उपाधि वितरण समारोह हुआ। समारोह में कैडेट सुरभि चौहान को सीनियर अंडर ऑफिसर की उपाधि प्रदान की गई। इसके साथ ही कैडेट प्रियांशु शर्मा, शुभम, सौम्य जोशी एवं समृद्धि को अंडर ऑफिसर, शिवम तिवारी को मेजर सार्जेन्ट, अशर फातिमा, सौरभ सिंह, सुधांशु, पूनम, सिमरन थापा, मोनी एवं आशीष सिंह को सार्जेन्ट सम्मान प्रदान किया गया। प्रांजल सिंह एवं मोहम्मद साहिल सहित अन्य 28 कैडेट्स को कारपोरल की रैंक प्रदान की गई। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नागेश्वर पांडेय तथा विशिष्ट अतिथि कर्नल गौतम गुहा ने सभी रैंक प्रदान करने के साथ ही बधाई दी। महाविद्यालय एनसीसी इकाई प्रभारी डॉ. केके शुक्ल ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार प्रगट किया। इस अवसर पर उप प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार मिश्रा, कला संकाय प्रभारी डॉ. एससी हजेला, सूबेदार मेजर एमए खान, सुनील रैदास एवं जीशान (पूर्व कैडेट) सहित शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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