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Lucknow news – लखनऊ में अवैध निर्माण पर एक्शन: अवैध ड्रैगन मॉल को ढहाने में जुटे मजदूर, आवासीय नक्शे पर कॉमर्शियल निर्माण कराया था

यह फोटो लखनऊ की है। लालबाग में स्थित ड्रैगन मॉल को LDA ने ध्वस्त करना शुरू किया।

LDA की संयुक्त सचिव ऋतु सुहास की अगुवाई में पुलिस-पीएसी बल की मौजूदगी में ध्वस्त किया जा रहा अवैध निर्माणहाईकोर्ट के आदेश के बाद रुक गई थी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, एक माह पहले LDA ने किया था सील

राजधानी लखनऊ में एक बार फिर अवैध संपत्तियों पर विकास प्राधिकरण (LDA) ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की है। रविवार की दोपहर LDA ने लालबाग क्षेत्र में स्थित ड्रैगन मॉल को मजदूर लगाकर ध्वस्त करना शुरू किया है। इस दौरान संयुक्त सचिव ऋतु सुहास पुलिस और पीएसी बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 3 नवंबर को एक माह के लिए LDA पर कार्रवाई करने से रोक दिया था।

हाईकोर्ट लखनऊ ने एक माह के लिए कार्रवाई पर रोक लगाई थी

दरअसल, ड्रैगन मॉल आवासीय नक्शे पर बना है। एक माह पहले LDA ने इसे सील कर दिया था। इसके खिलाफ मॉल मालिक ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने 1 माह के लिए LDA की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट ने कमिश्नर कोर्ट में लंबित प्रकरण को 1 महीने में निस्तारित करने का आदेश दिया था। DM/LDA VC अभिषेक प्रकाश कहना है कोई भी स्टे नहीं है। टीम कार्रवाई कर रही है। आवासीय नक्शा पास कराकर कामर्शियल कॉम्प्लेक्स बना लिया गया था।

संयुक्त सचिव ऋतु सुहास ने बताया कि लालबाग गर्ल्स कॉलेज की जमीन पर बने ड्रैगन मॉल के अवैध निर्माण के खिलाफ साल 2017 से कार्रवाई चल रही है। तब भी इस मॉल को सील कर दिया गया था, लेकिन हाईकोर्ट ने स्टे लगा दिया था, जो 30 जून 2017 तक प्रभावी था। इसके बाद फिर से सील करने की मांग प्रवर्तन जोन-6 ने की। LDA के आदेश के मुताबिक ड्रैगन मॉल ने निर्माण के समय तीन मंजिला नक्शा पास कराया था। लेकिन पांच मंजिला व्यावसायिक निर्माण बेसमेंट सहित बन गया। जिसका उपयोग भी शुरू कर दिया गया। इसके बाद LDA ने धारा 16 और 27 की कार्रवाई की है।

2015 में खत्म कर दिया केस

LDA की प्रवर्तन कोर्ट में यह प्रकरण भी सामने आया कि अवैध ड्रैगन मॉल पर पहले 2014 में कार्रवाई शुरू हुई। केस को 2015 में तत्कालीन विहित प्राधिकारी ने शपथ पत्र लेकर खत्म कर दिया। इसके बाद दोबारा अवैध निर्माण कर मॉल बना लिया गया। इस पर 2017 में कार्रवाई शुरू हुई। जमीन के उपयोग को लेकर भी कॉलेज प्रबंधन में विवाद है।

Input – Bhaskar.com

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