HomeलखनऊLucknow news - लखनऊ में कोरोना से बिगड़े हालात: तीन-तीन दिन बेड...

Lucknow news – लखनऊ में कोरोना से बिगड़े हालात: तीन-तीन दिन बेड के लिए भटक रहे मरीज, भर्ती हो भी पाए तो ऑक्सीजन सिलेंडरों का खुद करना पड़ रहा इंतजाम

लखनऊ में बेहतर इलाज के सभी दावों की पोल खुल गई है। लोगों को ऑक्सीजन के लिए मशक्कत करना पड़ रहा है। - Dainik Bhaskar

लखनऊ में बेहतर इलाज के सभी दावों की पोल खुल गई है। लोगों को ऑक्सीजन के लिए मशक्कत करना पड़ रहा है।

कोरोना वायरस से संक्रमित राज्यों की सूची में उत्तर प्रदेश देश में दिल्ली से आगे निकलते हुए छठे पायदान पर पहुंच गया है। वहीं, लखनऊ के हालात अभी भी बद्तर हैं। यहां 52 हजार ऐसे मरीज हैं जिनका इलाज चल रहा है। ऐसे में एक-एक बेड के लिए मरीजों को जद्दोजहर करनी पड़ रही है। यदि खुशकिस्मत निकले और किसी अस्पताल में भर्ती हो भी गए तो ‘हर एक सांस’ का इंतजाम खुद ही करना है।

आलम यह है कि लखनऊ के तालकटोरा क्षेत्र में ऑक्सीजन रिफिलिंग सेंटर पर एक किमी की लंबी लाइन लगी हुई है। इस महामारी के दौर में एक सिलेंडर की अहमियत क्या है, इसका अंदाजा वहां लगी भीड़ को देखकर लगाया जा सकता है। कोई सिलेंडर को गोद में लेकर पहुंच रहा है तो कोई वाहनों पर लादकर। कोई 15 से 20 किमी तक शहर में रिफिलिंग सेंटर्स की दौड़ लगा रहा है, लेकिन उसे ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है।

भीड़ का आलम लखनऊ के सभी ऑक्सीजन गोदाम के बाहर लगातार बना हुआ है। जिला प्रशासन के द्वारा बीते 3 दिनों के अंदर 121 कोविड-19 अस्पतालों की सूची जारी की गई है। जिसमें से करीब 15 अस्पतालों में ही कोविड-19 से बेहतर इलाज की व्यवस्था है। लेकिन अन्य हॉस्पिटल खुद का इलाज करने की व्यवस्था करने में लगे हुए हैं। ऐसे में अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत है। परिजनों को मरीजों के लिए खुद की ऑक्सीजन लाना पड़ रहा है।

राजधानी लखनऊ के कई सेंटर पर गैस खत्म हो चुकी है।

राजधानी लखनऊ के कई सेंटर पर गैस खत्म हो चुकी है।

वाहन बुक कराकर लोग सिलेंडर भरवाने सेंटर पर पहुंच रहे हैं।

वाहन बुक कराकर लोग सिलेंडर भरवाने सेंटर पर पहुंच रहे हैं।

अस्पताल मिला लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं

राजाजीपुरम के रहने वाले सुरेश बताते हैं कि उनके पिता की तबीयत खराब हुई तो वे तत्काल उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में पिता को भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं है। अब हम खुद ऑक्सीजन सिलेंडर खरीद कर वहां ले जाकर लगाएंगे। लेकिन यहां सिलेंडर लेने के लिए इतनी लंबी लाइन लगी हुई है। मुझे नहीं लगता कि मैं सही समय पर हॉस्पिटल सिलेंडर लेकर जा सकता हूं।

बीकेटी के राम जस हॉस्पिटल में पिता को लेकर भर्ती अमित त्रिपाठी बताते हैं कि बड़ी मशक्कत के बाद पांचवें दिन पिता को हॉस्पिटल में भर्ती करा पाया। 24 घंटे के बाद हॉस्पिटल के प्रबंधन ने कहा कि हमारे पास ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो गया है। आप अपने मरीज की व्यवस्था खुद कर लीजिए। बीते 24 घंटे से हम खाली ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर लखनऊ के विभिन्न गैस गोदाम पर गए, लेकिन हमारा सिलेंडर अभी तक भरा नहीं जा सका। हमने इस संबंध में संबंधित जिला प्रशासन को भी अवगत कराया है। उन्होंने सिर्फ आश्वासन दिया।

रिफिलिंग सेंटर्स पर पुलिस का भी पहरा है।

रिफिलिंग सेंटर्स पर पुलिस का भी पहरा है।

ऑक्सीजन के लिए लगी लंबी कतार।

ऑक्सीजन के लिए लगी लंबी कतार।

मेरी मां को अभी तक भर्ती नहीं कियालखनऊ शहर की रहने वाली रीना बीते तीन दिनों से पिता को भर्ती कराने के लिए सड़कों की खाक छान रही हैं। रीना कहती हैं कि CT स्कैन में डॉक्टर ने लिखा कि मेरे पिता पॉजिटिव हैं। इसके बाद हम उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराने को लेकर लगातार दौड़ते रहे। लेकिन RT-PCR की रिपोर्ट मांगे जाने की वजह से हमें भर्ती नहीं किया गया। 3 दिन बाद जब जांच रिपोर्ट आई तो उसमें पिता निगेटिव आए हैं। फिर भी उनके फेफड़े में इंफेक्शन है, जिसकी वजह से उनका इलाज कराने के लिए मुझे हॉस्पिटल की जरूरत है। अभी भी हम हॉस्पिटल में भर्ती करवाने के लिए मशक्कत कर रहे हैं।लोहिया हॉस्पिटल के बाहर सैकड़ों की भीड़ 1 घंटे के अंदर आती जाती दिखाई पड़ती है। उसमें से ज्यादातर तीमारदार अपने संक्रमित मरीज को भर्ती कराने के लिए दौड़ भाग कर रहे हैं। कोई CMO कार्यालय से दौड़कर आ रहा है, तो कोई हॉस्पिटल के अधिकारियों से मिल रहा है। 55 वर्षीय महिला सुनैना 3 दिन से भर्ती नहीं हो पाई हैं। उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है। कल ऑक्सीजन के लिए ई रिक्शा बुक कर गैस गोदाम के बाहर पहुंचीं, लेकिन ऑक्सीजन नहीं मिली। उसने अजवाइन कपूर और लौंग की पुड़िया बना कर ऑक्सीजन लेना शुरू किया। फिलहाल अभी उन्हें कहीं भी बेड नहीं मिल पा रहा है।

ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाने पहुंचा तीमारदार।

ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाने पहुंचा तीमारदार।

ऑक्सीजन भरने के बाद गोद में लेकर युवक जाता सिलेंडर।

ऑक्सीजन भरने के बाद गोद में लेकर युवक जाता सिलेंडर।

समस्या यहीं खत्म नहीं होती….

ट्रेनों में न सांस लेने की जगह, न ही बस में पैर रखने की

दिल्ली में लॉकडाउन के बाद से प्रवासी मजदूरों का उत्तर प्रदेश लौटना जारी है। मुंबई व अन्य प्रांतों से भी लोग इस महामारी काल में अपने घर लौट रहे हैं। लेकिन लखनऊ पहुंचने पर अपने गांव जाने के लिए कामगारों को 8 से 10 घंटे बस का इंतजार करना पड़ रहा है। ट्रेन चल तो रही है, लेकिन उसमें सांस लेने की भी जगह नहीं है। वह पूरी तरीके से खचाखच भरी हुई है।

उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा आलमबाग में 800 बस, कैसरबाग में 400 बस, चारबाग में तीन सौ बसें मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लगाई गई हैं। इसके बावजूद भी यात्रियों की संख्या इतनी ज्यादा है कि उनको घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मुंबई व दिल्ली की बड़ी तादाद में लौट रहे कामगारों की जांच के नाम पर भी बड़ा खिलवाड़ किया जा रहा है। बस स्टेशन रेलवे स्टेशन पर खानापूर्ति की जा रही है। इससे कोरोना संक्रमण और तेजी होने से आशंका है। मंगलवार के बाद बुधवार को भी ऐसा ही नजारा रेलवे स्टेशन और बस स्टेशनों में देखने को मिला।

लखनऊ में बस अड्डे पर लगी प्रवासियों की भीड़।

लखनऊ में बस अड्डे पर लगी प्रवासियों की भीड़।

निजी वाहन से ही जाना होगा, किराया 4 गुना

देवरिया के रहने वाले श्याम सुंदर बताते हैं कि न बस मिली ना ट्रेन। कल से हम इंतजार कर रहे हैं। रोडवेज बसों में जगह न मिलने पर प्राइवेट बस, टेंपो, ट्रैवलर कार वाले चार गुना किराया वसूल रहे हैं। उसका कहना है कि किसी तरीके से घर पहुंचना है। चारबाग, कैसरबाग, आलमबाग, कमाता, ट्रांसपोर्ट नगर 12, बारा विरवा, पॉलिटेक्निक, चिनहट चौराहा जैसी जगहों पर सैकड़ों यात्री निजी वाहनों का प्रयोग करते हुए देखे जाएंगे। इसका निजी वाहन मालिकों के द्वारा खूब फायदा उठाया जा रहा है। लखनऊ से गोरखपुर के लिए 300 की जगह 800 से 1200 तक किराया वसूला जा रहा है।

लोग निजी वाहनों से जान जोखिम में डालकर अपने घर निकले।

लोग निजी वाहनों से जान जोखिम में डालकर अपने घर निकले।

बसों में एक-एक सीट के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ रही है।

बसों में एक-एक सीट के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ रही है।

लखनऊ में बस अड्डे पर एक महिला अपने सामान को लेकर निकली।

लखनऊ में बस अड्डे पर एक महिला अपने सामान को लेकर निकली।

खबरें और भी हैं…

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular