Home लखनऊ Lucknow news- विराट के बाद एसएसजे होटल पर भी चला हथौड़ा

Lucknow news- विराट के बाद एसएसजे होटल पर भी चला हथौड़ा

पहले दिन की खानापूर्ति के बाद अब कर्मचारी बढ़ाएगा एलडीए

होटल विराट के बाद अब होटल एसएसजे इंटरनेशनल के मालिक ने भी मंगलवार को अवैध निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया। एलडीए के इंजीनियरों द्वारा एसएसजे इंटरनेशनल के अवैध निर्माण का शमन कर दिया गया है। ऐसे में एसएसजे इंटरनेशनल के मालिक ने अशमनीय भाग तोड़ना शुरू कर दिया। जबकि एलडीए बृहस्पतिवार से एसजेएस इंटरनेशनल का अवैध निर्माण तोड़ना शुरू करेगा।

इधर मंगलवार को एलडीए की प्रवर्तन जोन-6 की टीम ने होटल विराट को मैन्युअल तरीके से हथौड़े और ड्रिल मशीन का उपयोग कर तोड़ना शुरू किया। हालांकि, होटल विराट के मालिक ने सोमवार से ही खुद अपना अवैध निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया था। अवैध निर्माण तोड़ने के समय खुद अधिशासी अभियंता कमलजीत सिंह मौके पर पहुंचे। अधिशासी अभियंता का कहना है कि तोड़ने की कार्रवाई तेज करने के लिए बुधवार को कर्मचारियों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।

पहले दिन कोई अधिकारी नहीं पहुंचा

होटल विराट का अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई भले ही एलडीए ने शुरू कर दी हो। इसके उलट मुख्यमंत्री की नाराजगी केबाद भी कोई अधिकारी पूरे दिन मौके पर नहीं पहुंचा। विहित प्राधिकारी या दूसरे वरिष्ठ अधिकारी फोन पर ही कार्रवाई की जानकारी लेते रहे। अधिकारी अब बुधवार को कार्रवाई तेज करने का दावा कर रहे हैं।

शासन में टली बैठक, नहीं दी जा सकी सूची

मंगलवार को आवास विभाग में प्रस्तावित बैठक स्थगित हो गई। आवास विभाग ने एलडीए से अब बुधवार को सूची देने के लिए कहा है। बैठक में इंजीनियरों के अलावा सुपरवाइजरों के नाम भी एलडीए की तरफ से दिए जाएंगे। गैर आधिकारिक रूप से सूची देने के लिए एलडीए के अधिकारी गए थे। इसको शासन ने अभी लेने से मना कर दिया। नामों पर चर्चा के बाद ही सूची आवास विभाग अंतिम रूप से स्वीकार करेगा। इसके संकेत एलडीए को दे दिए गए हैं।

वीसी की फटकार के बाद हो गए साइन

जहां चार दिन से सूची बनाने वाले एलडीए के इंजीनियर इस पर अपने साइन करने को तैयार नहीं थे। वहीं वीसी अभिषेक प्रकाश की फटकार के बाद मंगलवार को सभी ने साइन कर दिए। अवर अभियंता, सहायक अभियंता, अधिशासी अभियंता के साइन के बाद मुख्य अभियंता ने इसे प्रभारी अधिष्ठान को भेज दिया। इसके बाद प्रभारी अधिष्ठान ऋतु सुहास अपने साइन के साथ आधिकारिक रूप से शासन को सूची देंगीं। अभी भी लेकिन विहित प्राधिकारी व अन्य अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर नाम देने के लिए शासन से स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए हैं।

Most Popular