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Lucknow news- विवाद के बाद कटौती के साथ पार्षद कोटे को मंजूरी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग वाले भवनों को गृहकर में पांच प्रतिशत की छूट

दो घंटे तक चले हंगामा बवाल के बाद नए साल के बजट में पार्षद कोटे को मंजूरी दे दी गई, मगर पहले की तरह इस बार जीएसटी अलग से नहीं दी जाएगी। यह 1.25 करोड़ के कोटे में ही शामिल रहेगी। इससे हर वार्ड का विकास कार्य खर्च का कोटा जीएसटी के कारण करीब 13 लाख रुपये कम हो जाएगा। करीब तीन घंटे चली कार्यकारिणी बैठक में 19 अरब 48 करोड़ का बजट पास कर दिया गया, जिसमें न तो कोई टैक्स बढ़ाया गया है और न ही कोई नया कर लगाया गया है।

कार्यकारिणी उन भवन स्वामियों को गृहकर में पांच प्रतिशत की छूट देने का प्रस्ताव भी पास कर दिया है, जिनके यहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग होगी। शहर में एक महिला बाजार बनाने और बड़े पार्कों में महिलाओं के लिए एक यूरिनल बनाए जाने का प्रस्ताव भी पास किया गया है। शहर में भगवान लक्ष्मण की एक भव्य प्रतिमा भी लगाई जाएगी। इसके लिए एक करोड़ रुपये बजट का प्रस्ताव भी कार्यकारिणी ने पास कर दिया।

नए साल के बजट को लेकर तीन दिन में दूसरी बार बुलाई गई कार्यकारिणी बैठक में मंगलवार को भी पार्षद कोटे में कटौती को लेकर भारी हंगामा-हुआ। सपा और कांग्रेस के पार्षदों ने कार्यकारिणी बैठक वाले कक्ष के बाहर करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की। दबाव के चलते बैठक में पार्षद कोटे को 1.25 करोड़ से घटाकर 50 लाख रुपये किए जाने के प्रस्ताव को संशोधित कर उसमें बढ़ोत्तरी की गई। जिसके बाद उसे फिर 1.25 करोड़ रुपये कर दिया गया और उसके लिए इस मद में किए गए 100 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को बढ़ाकर 160 करोड़ किया गया। बैठक के बाद महापौर संयुक्ता भाटिया और नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि पूर्व की तरह ही वार्डों में विकास कार्य होंगे। पार्षद कोटा या वार्ड विकास निधि जैसा कोई प्रावधान इस बार बजट में नहीं किया गया है। मगर पूर्व की तरह परंपरागत तरीके से जैसे वार्डों पार्षदों के प्रस्ताव पर काम होते रहे हैं, वैसे ही नए बजट में भी होते रहेंगे।

नालियों की सफाई का बजट बंद

नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि गहरी नालियों की सफाई का काम कार्यदायी संस्थाओं का है, मगर यह काम ठेके पर कराया जा रहा था। जिस पर हर साल करीब ढ़ाई करोड़ खर्च हो रहे थे। अब काम ठेके पर नहीं कराया जाएगा और कार्यदायी संस्थाएं ही उसको करेंगी। ऐसे में ढाई करोड़ रुपये का बजट बचेगा।

कहां से कितनी आय का प्रावधान

गृहकर- 310 करोड़

शुल्क- 10 करोड़

कल्याण मंडप किराया- 02 करोड़

औरंगाबाद खालसा मल्टीस्टोरी आवासीया योजना- 100 करोड़

पार्किंग ठेका- 15 करोड़

यूजर चार्ज- 36 करोड़

अवस्थापना निधि- 50 करोड़

रोड कटिंग- 10 करोड़

विकास प्राधिकरण-आवास विकास योजना हैंडओवर- 60 करोड़

बांड जारी करने से मिली प्रोत्साहन राशि- 26 करोड़

अमृत योजना- 10 करोड़

15वां वित्त- 224 करोड़

समग्र विकास- 150 करोड़

नगर विकास योजना- 50 करोड़

स्वच्छ भारत मिशन- 15 करोड़

कहां कितना होगा खर्च :

कर्मचारियों का वेतनभत्ता- 67 करोड़

डीजल,पेट्रोल- 45 करोड़

नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन- 36 करोड़

ठेका सफाई- 140 करोड़

कोरोना बचाव- 05 करोड़

स्ट्रीट लाइट मेंनटीनेंस- 21 करोड़

पार्क मेंटीनेंस- 30 करोड़

कल्याण मंडप- 1.5 करोड़

सड़क निर्माण मरम्मत- 160 करोड़

वेंडिंग जोन विकास- 02 करोड़

नगर निगम के स्कूलों का मेंटेनेंस- 04 करोड़

पार्किंग स्टैंडों का सुधार व रखरखाव- 08 करोड़

पेंशन भुगतान- 80 करोड़

नाला सफाई- 05 करोड़

लावरिश शवों का निस्तारण- 10 लाख

श्मशान व कब्रिस्तान मरम्मत- 30 लाख

कान्हा उपवन गौशाला- 11 करोड़

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