Home लखनऊ Lucknow news- हाईकोर्ट ने मांगा मजिस्ट्रेटों और सत्र न्यायाधीशों का  ब्योरा

Lucknow news- हाईकोर्ट ने मांगा मजिस्ट्रेटों और सत्र न्यायाधीशों का  ब्योरा

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने लॉक डाउन के दौरान निचली अदालतों द्वारा आरोपियों के रिमाण्ड आदेश न पारित किए जाने के मामले का सख्त संज्ञान लिया है। कोर्ट ने गत 25 मार्च से 16 जून तक रिमांड आदेश न पारित करने वाले लखनऊ और हरदोई के मजिस्ट्रेटों व सत्र न्यायाधीशों का ब्योरा तलब किया है।

अदालत ने कोर्ट के सीनियर रजिस्ट्रार को निर्देश दिया कि लखनऊ के जिला जज की गत 29 सितंबर की रिपोर्ट के प्रकाश में दोनों जिलों से यह ब्योरा प्राप्त करें। कोर्ट ने 10 दिसंबर को लखनऊ बेंच के वरिष्ठ निबंधक और यूपी राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य – सचिव को भी संबंधित जिलों के पूरे संबंधित विवरण के साथ पेश होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले का सख्त संज्ञान लेकर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण को  नोटिस भी जारी किया है।

साथ ही लाकडाउन से पहले के मामलों में रिमांड आदेश न जारी करने और 90 दिनों में चार्जशीट न दाखिल होने के बावजूद जमानत अर्जियां खारिज किए जाने पर तल्ख टिप्पणी की है। न्यायमूर्ति एआर मसूदी ने यह आदेश अभिषेक श्रीवास्तव और संजीव यादव की जमानत अर्जियों पर सुनवाई के बाद जमानत मंजूर करते हुए दिया। कोर्ट ने आदेश में सख्त टिप्पणी की कि यह आश्चर्यजनक है कि जनपद व सत्र न्यायाधीशों या मजिस्ट्रेटों द्वारा जमानत व रिमाण्ड के मामलों में पूरी प्रक्रिया को गलत तरीके से समझा गया। जबकि गत 25 मार्च का हाईकोर्ट का आदेश काफी स्पष्ट था। फिर भी सत्र न्यायाधीशों या मजिस्ट्रेटों ने सम्बंधित नियम या पहले के सर्कुलर के तहत कार्यवाही नहीं किया, जिसमें छुट्टियों के दौरान की प्रक्रिया वर्णित थी।

 
कोर्ट ने रिमाण्ड की अवधि बढ़ाए बगैर आरोपियों को जेल में रखने पर सख्त रुख अख्तियार किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि आरोपी अभिषेक को लखनऊ पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से मजिस्ट्रेट ने अभियुक्त को 16 जनवरी को न्यायिक  रिमांड पर लेते हुए 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया था। जबकि आरोपी संजीव की शुरूआती  रिमाण्ड गत 31 जनवरी को मंजूर हुई थी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर को नियत कर उस रोज गत 25 मार्च से 16 जून तक रिमांड आदेश न पारित करने वाले लखनऊ और हरदोई के मजिस्ट्रेटों व सत्र न्यायाधीशों का ब्योरा तलब किया है।

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