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Lucknow news – UP में कोरोना: राज्य में 2470 केस एक्टिव, अब तक 353608 लोगों को लगा टीका; सरकार का दावा- संक्रमण रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे

यूपी में कोरोना के केस में एक बार फिर वृद्धि हो रही है। टीकाकरण की संख्या 353608 तक पहुंच चुकी है। प्रतिकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar

यूपी में कोरोना के केस में एक बार फिर वृद्धि हो रही है। टीकाकरण की संख्या 353608 तक पहुंच चुकी है। प्रतिकात्मक फोटो

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर कोरोना के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। बीते 24 घंटे में 393 नए केस आने के बाद मौजूदा समय में प्रदेश में 2470 केस एक्टिव हैं। जहां एक साल में मरीजों की संख्या छह लाख के ऊपर पहुंच गई है वहीं इनमें से 98.2% मरीज को रिकवर किया गया है। फिलहाल कोविड-19 की डोज प्रदेश में 18 मार्च रात 9 बजे तक कुल 353608 लाभार्थियों का किया जा चुका है।

सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कोरोना के बचाव और बनाए जा रहे प्रबंध तंत्र के नियमों की जिम्मेदारी वित्तीय, स्वास्थ्य शिक्षा व संसदीय कार्य कैबिनेट सुरेश खन्ना और स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह निभाते आ रहे हैं। सरकार का दावा है कि योगी के द्वारा कोरोना संबंधित रोज होने वाली बैठक में जो प्लान तैयार होता है, उसका पालन कराने के लिए दोनों मंत्री सक्रिय हैं।

टेस्टिंग अभियान व घर घर पहुंचने वाले मेडिकल सैनिकसरकार का दावा है कि करीब एक लाख के ज्यादा स्थानों पर होम आइसोलेशन में रहने वाले 80% कोरोना संक्रमित मरीजों तक पहुंचे हैं। संक्रमित तक सुविधाएं और दवाइयां पहुंचाने के लिए मेडिकल के स्टाफ कर्मी घर घर पहुंचे। इस टीम ने 3.2 करोड़ दो में रहने वाले 1.86 लाख लोकेशन पर अपनी सुविधाएं दी। इसके अलावा डॉक्टरों की टीम, टेक्नीशियन, कलेक्शन एजेंट, डाटा ऑपरेटर और मेडिकल की स्टाफ के द्वारा बीते 15 मार्च तके 3.2 करोड़ कोविड-19 के टेस्ट किए गए।

खुले मन से काम और टेक्नोलॉजी का प्रयोग

जहां एक तरफ कोरोनावायरस के संक्रमण को लेकर लोगों के मन में भय था तो वहीं दूसरे तरफ मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व की टीम ने खुले मन से काम किया। उन्होंने लोगों को अप्रोच किया कि इससे डरने की जरूरत नहीं है, सुविधाएं और जागरूकता के साथ कोरोना को हराया जा सकता है। हेल्थ स्पेशलिस्ट, पॉलिसी मेकर और डॉक्टरों ने प्लाजा थेरेपी, टीवी टेस्टिंग मशीन, सीबी नेट तैयार किए गए।

इसके अलावा एमएसएमई यूनिट के जरिए पीपीई की तैयार की गई तो शुगर मिल्स में सैनिटाइजर और मेडिकल ऑक्सीजन के संबंधित लिक्विड बनाए गए। जैसे ही कोविड की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई वैसे ही मैनेजमेंट और रिसोर्ट मॉनिटरिंग और सर्विलांस के जरिए हर जिलों को जोड़ दिया गया।

टेक्नोलॉजी का प्रयोग लगातार किया जाता रहा, लोगों के फोन के जीपीएस का ट्रैक किया गया। संक्रमित के रिकॉर्ड को ट्रैक करने के लिए उनसे लगातार कांटेक्ट में बने रहे। किसी भी पेशेंट को टेस्ट और उनको मिलने वाली सुविधाएं पहुंचाया गया।

संजीवनी डाटा के जरिये मेडिसिन सुविधाएंहेलो डॉक्टर के टेलीफोन नंबर यूपी के प्रत्येक जिले में जारी कर दिए गए। घर बैठकर टेलीमेडिसिन सर्विस लोगों को पसंद आई, संजीवनी डाटा तैयार किया गया। करीब 6.2 लाख जरूरतमंद ने संजीवनी टेलीफोन सर्विस का प्रयोग अब तक कर चुके हैं। टेलीमेडिसिन टेलिफोनिक कंसल्टेंसी के एक्सपर्ट पीजीआई में एक्सपर्ट डॉक्टर भी से समय-समय पर लोगों की समस्याओं का निस्तारण करते रहे।

प्रत्येक दिन एक लाख से ज्यादा टेस्ट मौजूदा कोरोना के हालात: उत्तर प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग के द्वारा दावा किया जा रहा है कि प्रत्येक दिन एक लाख से ज्यादा को भी टेस्ट किए जा रहे हैं। बीते 24 घंटे (19 मार्च तक) में 1,23,501 को भी टेस्ट किए गए। 19 मार्च तक 3,33,15, 662 कोविड-19 किए जा चुके हैं। मौजूदा समय में 8757 क्रोना संक्रमित की मौत हो चुकी है और 5,95, 382 मरीज अब तक डिस्चार्ज किए जा चुके हैं।

टीकाकरण की संख्या 353608 पहुंचीबीते 18 मार्च तक के रिकॉर्ड के अनुसार प्रदेश के समस्त जनपदों में 60 साल से ऊपर के एवं 45 वर्ष से 59 वर्ष के चिन्हित बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों का टीकाकरण किया गया। साथ ही पूर्व के फर्स्ट डोज के फ्रंट लाइन वर्कर को सेकंड डोज भी दी गई। 18 मार्च रास्त नौ बजे तक कुल 353608 लाभार्थियों का कोविड टीकाकरण किया जा चुका है। इस रिपोर्ट में वृद्धि की संभावना जताई गई है।

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