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Lucknow news – UP में जल निगम अब बंद: कर्मचारियों को पंचायती राज और नगर निकायों में समायोजित करने का लेटर जारी, 5,327 फील्ड कर्मचारी का बदला विभाग

बकाया वेतन को लेकर 12 फरवरी को सभी जिलों में कर्मियों ने एक दिन का धरना दिया था और इस बाबत मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा था।

बीते 6 महीने से जल निगम के कर्मियों को नहीं मिला वेतन, करीब 11 सौ करोड़ रुपए बकाया15 दिनों से लखनऊ मुख्यालय पर चल रहा प्रदर्शन, जिलों पर भी हुए थे धरना

उत्तर प्रदेश जल निगम विभाग के नियमित 5,327 फील्ड कर्मचारी अब पंचायती राज और नगर निकायों के कर्मचारी होंगे। जल निगम विभाग की खराब आर्थिक हालत को देखते हुए इन कर्मचारियों को दूसरे विभाग में समायोजन किए जाने की प्रक्रिया शुक्रवार को शुरू कर दी गई। प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने पत्र जारी करते हुए बताया कि फील्ड कर्मचारियों को पंचायती राज विभाग और नगर निकायों में समायोजित कर दिया गया है। पिछले 6 महीने से जल निगम के विभाग के कर्मचारियों का वेतन नहीं दे पा रहा है।

15 दिनों से कर्मचारी दे रहे धरना, नहीं मिला वेतनUP में पिछले 15 दिनों से जल निगम के कर्मचारी वेतन के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई होती नजर नहीं आ रही। 8वां महीना लग चुका है लेकिन कर्मचारियों को न वेतन दिया गया है और न ही कोई पेंशन दी जा रही है। उत्तर प्रदेश जल निगम संस्थान मजदूर यूनियन के अध्यक्ष राम सनेही यादव का कहना है कि 12 फरवरी को सभी जिलों में एक दिन का धरना दिया था और इस बाबत मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा था। 16 फरवरी से जल निगम मुख्यालय पर लगातार धरना-प्रदर्शन चल रहा है। सभी जिलों में भी भोजनावकाश के समय 1 घंटे का धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है।

जल निगम के MD के साथ बैठक के बाद 1 मार्च को सितंबर 2020 की सैलरी आई

राम सनेही यादव ने कहा कि जल निगम के MD से बैठक के बाद 1 मार्च को सितंबर, 2020 की सैलरी आई है। अभी अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी महीने की सैलरी बाकी है। जितनी सैलरी आई है वो तो उधारी चुकाने में ही उड़ जाएगी।

कर्मचारियों का कुल 11 सौ करोड़ बकाया

राम सनेही यादव ने कहा, जल निगम प्रशासन का सरकार पर 2100 करोड़ रुपए बकाया है, जिसमें से सरकार ने 1653.9 करोड़ रुपए की देनदारी स्वीकारी भी है। 22 फरवरी, 2021 के दिन मुख्यमंत्री ने जल निगम की समीक्षा बैठक में इस पैसे को देने के लिए मुख्य सचिव को निर्देशित किया था लेकिन अभी तक कोई पैसा प्राप्त नहीं हुआ है। कर्मचारियों की कुल देयताएं लगभग 11 सौ करोड़ है। अगर सरकार वो पैसा जल निगम को दे दे तो कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और सभी प्रकार की देयताओं का भुगतान हो जाएगा।

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