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Lucknow news – UP में बेकाबू हो रहा कोरोना: BJP सांसद की निर्वाचन आयोग से अपील, कहा- लखनऊ में लाशों का ढेर लगा है, कुछ समय के लिए टाला जाए पंचायत चुनाव

यूपी में बीजेपी के सांसद कौशल �

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई शहरों में कोरोना का प्रकोप अपने चरम पर है। लखनऊ में एक दिन में 5 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इस बीच कोरोना के भयावह स्वरूप को देखते हुए भाजपा की तरफ से ही पंचायत चुनाव टालने की मांग उठने लगी है। भाजपा सांसद कौशल किशोर ने पंचायत चुनाव को कुछ समय के लिए टालने की मांग की है।

कौशल किशोर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि निर्वाचन आयोग से मेरी अपील है कि लखनऊ में कोरोना कंट्रोल से बाहर है। लखनऊ में कई हजार परिवार करोना की चपेट में बुरी तरह बर्बाद हो रहे हैं। श्मशान घाटों पर लाशों के ढेर लगे हुए हैं।

लोगों की जान बचाना ज्यादा जरूरी

उन्होंने कहा कि चुनाव जरूरी नहीं है लेकिन लोगों की जान बचाना जरूरी है। इसलिए निर्वाचन आयोग को तत्काल संज्ञान में लेकर पंचायत के चुनाव को लखनऊ में निर्धारित मतदान की तिथि से एक महीना आगे बढ़ा देना चाहिए। जान बचाना जरूरी है चुनाव कराना जरूरी नहीं है।

निर्वाचन आयोग से मेरी अपील है लखनऊ में covid कंट्रोल से बाहर है, लखनऊ में कई हजार परिवार करोना की चपेट में बुरी तरह बर्बाद हो रहे हैं, श्मशान घाटों पर लाशों के ढेर लगे हुए हैं। चुनाव जरूरी नहीं है लेकिन लोगों की जान बचाना जरूरी है।

मेडिकल कॉलेजों एवं चिकित्सा संस्थानों में OPD सेवाएं बंद

योगी सरकार ने प्रदेश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सात जिलों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों एवं चिकित्सा संस्थानों में ओपीडी सेवाएं बंद करने का निर्णय किया है। इसके तहत अत्यंत जरूरी सर्जरी को छोड़कर शेष सभी प्रकार के आपरेशन टालने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि असाध्य रोगियों की समस्याओं को ध्यान में रखकर सरकार ने ऐसे रोगियों के इलाज की सुविधा पहले की तरह ही जारी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इमरजेंसी व ट्रामा की सुविधाओं को भी सातों दिन 24 घंटे चालू रखने को भी कहा है।

विशेष सचिव (चिकित्सा शिक्षा) की ओर से आदेश जारी कर दिए गए। इसके तहत प्रदेश के सात जिले मसलन लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, गोरखपुर, आगरा, झांसी व मेरठ के सरकारी मेडिकल कालेजों में ओपीडी सेवाएं बंद करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही इन मेडिकल कालेजों में ओपीडी के साथ-साथ आइपीडी की सेवाएं भी सीमित कर दी गई हैं।

आदेश के मुताबिक यहां पर अत्यंत जरूरी सर्जरी के अलावा अन्य आपरेशन को जरूरत के अनुसार आगे टालने के निर्देश दिए गए हैं। यहां कोरोना महामारी की जांच के लिए ओपीडी, नियोनेटल सेवाएं व एंटीनेटल क्लीनिक, कैंसर मरीजों को कीमोथैरेपी व रेडियोथैरेपी सेवाएं तथा किडनी के मरीजों की डायलिसिस की सुविधाएं पूर्व की भांति अनवरत रूप से दी जाती रहेंगी।

13 दिनों में सूबे में सात गुना नए केस बढ़ गए

प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति कितनी तेजी से भयावह होती जा रही है इसका पता इसी से लगता है कि मात्र 13 दिनों में सूबे में सात गुना नए केस बढ़ गए। इस दौरान एक दिन में कोरोना से मरने वालों की संख्या भी नौ गुनी से अधिक बढ़ गई जबकि कुल सक्रिय केसों की संख्या भी इस अवधि में करीब आठ गुना बढ़ गई। पहली अप्रैल को प्रदेश भर में 2600 नए केस मिले थे और तब 09 लोगों की कोरोना से मौत हो गई थी

उस दिन प्रदेश में कुल सक्रिय केसों की संख्या 11918 थी। दूसरी तरफ आज 13 अप्रैल को 18021 नए केस मिले हैं जबकि एक दिन में मरने वालों की संख्या 85 पहुंच गई है। वहीं कुल सक्रिय कसों की संख्या 95980 हो गई है। दिन प्रतिदिन खराब होती स्थिति से निपटने के लिए सरकार लगातार नए-नए उठा रही है लेकिन वह सब नाकाफी साबित हो रहे हैं।

चार जिले संक्रमण की दृष्टि से संवेदनशीलमंगलवार को स्वास्थ्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर तथा वाराणसी में कोविड संक्रमण को देखते हुए अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ये चारों जिले इस समय संवेदनशील हैं। लिहाजा मास्क का प्रयोग करें। यह समाज के प्रति जिम्मेदारी व सामाजिक उत्तरदायित्व का पालन है।

उन्होंने बताया कि मास्क सही तरीके से पहने, जब भी किसी से मिले या किसी से बात करे तो मास्क जरूर पहने रहे। यह भी बताया कि संक्रमण अभी समाप्त नहीं हुआ है इसलिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

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