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Lucknow news – UP विधानमंडल बजट सत्र का छठा दिन: विधान परिषद से भी पारित हुआ ‘एंटी लव जिहाद’ विधेयक, सपा ने किया जोरदार हंगामा, सभापति पर कागज के गोले उछाले

विधान परिषद में सभापति की कुर्सी के पास नारेबाजी करते हुए कागज के गोले फेंकते सपा विधायक।

बुधवार को विधानसभा में पास होने के बाद आज विधान परिषद के पटल पर रखा गया था विधेयकराज्यपाल के अनुमोदन के बाद प्रदेश में लागू हो जाएगा उप्र विधि विरुद्ध विधि धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2021

उत्तर प्रदेश विधानमंडल बजट सत्र के छठे दिन आज गुरुवार को योगी सरकार का सबसे महत्वपूर्ण विधेयक ‘एंटी लव जिहाद’ यानी उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2021 विधान परिषद में भी ध्वनि मत से पास हो गया। बुधवार को यह विधेयक विधानसभा में पास हुआ था। इससे पहले जब पटल पर यह विधेयक रखा गया तो समाजवादी पार्टी के विधायकों ने जमकर हंगामा किया। सपा सदस्य वेल तक आ गए। उन्होंने कागज के गोले बनाकर सभापति पर फेंके। इसे अब राज्यपाल के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा। उसके बाद यह एक कानून बन जाएगा।

सपा का आरोप है कि नियम विरुद्ध सदन की कार्यवाही संचालित की जा रही है।

सपा का आरोप है कि नियम विरुद्ध सदन की कार्यवाही संचालित की जा रही है।

मार्शल ने संभाला मोर्चा, दोनों सदन सोमवार तक के लिए स्थगित

विधान परिषद में इस दौरान करीब 7 मिनट तक जमकर हंगामा हुआ। जैसे ही उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा खड़े हुए वैसे ही विपक्षी दल समाजवादी पार्टी व अन्य दलों के विधान परिषद सदस्यों ने हंगामा करते हुए वेल में आकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सपा सदस्यों ने लोकतंत्र की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए सभापति पर कागज के गोले बनाकर उछाले और नारेबाजी की। इस दौरान मार्शल को तैनात करना पड़ा। इस दौरान विधेयक की प्रतियां भी उछाली गई।

मोहसिन रजा ने कहा- यह कानून किसी जाति या धर्म के खिलाफ नहीं

एंटी लव जिहाद अध्यादेश दोनों सदनों से पास होने पर UP सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि अवैध रुप से साजिश से धर्मांतरण करने वाले अब बख्शा नहीं जाएगा। यह कानून सर्व समाज के लिए है। इसका किसी जाति या धर्म से संबंध जोड़ना गलत है। यह उत्तर प्रदेश के 23 करोड़ नागरिकों के लिए है। उन्होंने विधान परिषद में सपा सदस्यों के हंगामे पर निशाना साधा। कहा कि इस काम में उन्हें भी सहयोग करना चाहिए। यह कानून जनता की भलाई के लिए है। मोहसिन रजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विधेयक पारित होने पर धन्यवाद देते हुए उनका आभार जताया है।

विधान परिषद के वेल में आकर प्रदर्शन करते सपा सदस्य।

विधान परिषद के वेल में आकर प्रदर्शन करते सपा सदस्य।

अब धर्म छिपाकर शादी करने वालों की खैर नहीं

गुमराह करके, झूठ बोलकर, लालच देकर, जबरदस्ती या शादी के जरिए धर्म बदलवाने का दोष साबित होने पर कम से कम एक साल और अधिकतम 10 साल की सजा होगी। दोषी पर 15 हजार से लेकर 50 हजार रुपए जुर्माना भी लगेगा।महिला SC/ST कैटेगरी में आती है तो उसका जबरन या झूठ बोलकर धर्म परिवर्तन कराना कानून का उल्लंघन माना जाएगा। इसमें कम से कम 3 साल और अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है। ऐसे मामले में जुर्माना 25 हजार रुपए होगा।सामूहिक धर्म परिवर्तन के मामले में कम से कम 3 साल और अधिकतम दस साल तक की सजा हो सकती है। जुर्माने की राशि 50 हजार तक होगी।अगर कोई धर्म बदलना चाहता है तो उसे डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को दो महीने पहले सूचना देनी होगी। ऐसा न करने पर 6 महीने से 3 साल तक की सजा हो सकती है। जुर्माने की रकम 10 हजार रहेगी।बरेली में सबसे पहले दर्ज हुई थी एंटी लव जिहाद अध्यादेश के तहत FIR।

बरेली में सबसे पहले दर्ज हुई थी एंटी लव जिहाद अध्यादेश के तहत FIR।

28 नवंबर 2020 को राज्यपाल ने दी थी मंजूरीउत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 28 नवंबर को गैर कानूनी धर्म परिवर्तन रोकथाम अध्यादेश को मंजूरी दी थी। इस अध्यादेश में लव जिहाद या किसी खास धर्म का उल्लेख नहीं है, लेकिन यूपी में इसे लव जिहाद के खिलाफ कानून कहा जा रहा है। लव जिहाद कानून रद्द करने की मांग को लेकर 104 पूर्व IAS अफसरों ने CM योगी आदित्यनाथ को चिट्‌ठी भी लिखी थी। इसमें पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन, विदेश सचिव निरूपमा राव और प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार रहे टीकेए नायर जैसे पूर्व अफसर शामिल थे। उन्होंने लिखा था कि UP कभी गंगा-जमुनी तहजीब को सींचने वाला प्रदेश था। लेकिन अब विभाजन, कट्टरता और नफरत की राजनीति का केंद्र बन गया है।

बुधवार को लव जिहाद विधेयक विधानसभा में पास

उत्तर प्रदेश विधानमंडल बजट सत्र के दौरान बुधवार को योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2021 विधानसभा में पास करा लिया। बुधवार को उत्तर प्रदेश विधान सभा में इस विधेयक का विरोध कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता अराधना मिश्रा और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेता लाल जी वर्मा ने हल्का विरोध किया। हालांकि, इस विधेयक को सदन में ध्वनि मत से पारित कर लिया गया।

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